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Agriculture News – कोरोना काल में आयुर्वेद दवाइयों को मांग को देखते हुए शुरू की औषधीय खेती, अब प्रतिमाह कमा रहे हैं ₹100000 .

Agriculture News – कोरोना काल में आयुर्वेद दवाइयों को मांग को देखते हुए शुरू की औषधीय खेती, अब प्रतिमाह कमा रहे हैं ₹100000 .

रिपोर्ट : ललितेश कुशवाहा

भरतपुर : आयुर्वेद विश्व की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है और इसमें औषधीय पौधों का उपयोग किया जाता.जब कोरोना काल था उस समय अंग्रेजी दवाइयों की बजाय आयुर्वेद के पौधों से बनी दवाइयां काफी असरदार रही थी. यही वजह है कि राजस्थान के भरतपुर जिले के किसानो ने आयुर्वेद के पौधों की मांग को देखते हुए परंपरागत खेती को छोड़ आयुर्वेद की खेती शुरू की.किसानों का कहना है कि एलोवेरा,तुलसी, सतावर,अश्वगंधा, सफेद मूसली व आंवला की खेती से कम लागत में दुगना मुनाफा ले रहे हैं. किसानों ने बताया कि वैसे भी भरतपुर जिले में भुसावर कस्बा बागवानी और नगदी फसलों के लिए पहले से ही प्रसिद्ध रहा है.लेकिन क्षेत्र में कुछ किसान ऐसे भी थे जो लंबे समय से पारंपरिक खेती से जुड़े हुए थे लेकिन खुद के फैसले पर आयुर्वेद की खेती शुरू की व देशभर से आयुर्वेद पोधों की मांग को देखते हुए प्रतिमाह करीब एक लाख रुपए से अधिक आमदनी है.

किसान रामदयाल का कहना है कि पहले वह पारंपरिक खेती में गेहूं , जौ, सरसों और चना करते थे. कोरोना काल में उन्होंने देखा कि अंग्रेजी दवाइयों की बजाय आयुर्वेद दवाइयों की अधिक मांग थी. इसी को ध्यान में रखते हुए करीब 2 हैक्टेयर भूमि में सतावर,अश्वगंधा, सफेद मूसली व तुलसी की खेती प्रारंभ की .उसके बाद इस खेती के पौधों की मांग स्थानीय क्षेत्र के साथ साथ देश के विभिन्न प्रांतों में होने लगी. उन्होंने बताया कि 30 साल से पारंपरिक खेती को कर रहे हैं लेकिन उतना मुनाफा तीन साल की आयुर्वेद की खेती से हुआ है इससे नही हो पाया. अब उनकी देखी देखा आसपास के क्षेत्र के किसान भी इस प्रकार की खेती करने में रुचि ले रहे हैं.

प्रतिमाह एक लाख रुपए की आमदनी…

किसान ने बताया कि अब लोग स्वास्थ्य को लेकर गंभीर हैं और यही वजह है कि उनकी पसंद अंग्रेजी के बजाय आयुर्वेद की दवाई अधिक पसंद हैं.आयुर्वेद की दवाई औषधियों से बनने के चलते इन पौधों की अधिक मांग है. जब इस खेती की शुरुआत की थी तो मन में डर था लेकिन अब मुनाफा को देखकर भय समाप्त हो गया है. स्थानीय क्षेत्रों के साथ बाहर की कंपनियां सीधे संपर्क कर रही है.जिससे प्रतिमाह एक लाख रुपए की आमदनी हो रही है.