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धनिया की खेती से लाखों रुपए कमा रहा है भरतपुर का किसान ! 

धनिया की खेती से लाखों रुपए कमा रहा है भरतपुर का किसान ! 

भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर (Bharatpur) में बागवानी और नगदी फसलों की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है. क्योंकि इस खेती से किसान (Farmer) को कम लागत में दोगुना मुनाफा होता है. यही वजह है कि यहां का किसान अब परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी और नगदी फसलों की खेती कर रहा है. एक ऐसा ही किसान है भरतपुर जिले में स्थित हलैना कस्बे के गांव गोविंदपुरा का हरिराम सैनी जो पिछले चार वर्ष से एक हैक्टेयर भूमि में धनिया की खेती (Coriander Farming) जैविक खाद से कर लाखो रुपए सालाना कमा रहा है. किसान ने बताया कि वह बाजार (Market)में सात बार धनिया की पत्ती बेचने के बाद अब बीज तैयार कर रहा है. हालांकि धनिया आमतौर पर हर घर में उपयोग किया जाता है. इसके पत्तों की महक सब्जी में चार चांद लगाने का काम करती है. इसमें अनेक औषधीय गुण हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है.

सालाना 5 से 6 लाख रुपए की कमाई ..

किसान हरिराम सैनी (Farmer Hariram Saini) ने बताया कि आसपास के किसानों को सब्जियां उगाते देख मन में धनिया की खेती करने का विचार आया. चार वर्ष पहले बाजार से बीज खरीद कर एक हेक्टेयर भूमि में धनिया की खेती शुरू की. प्रतिवर्ष धनिया की पत्तियों को को सात बार बाजार में बेचने के बाद आठवीं बार बीज (Seed) तैयार करता हूं. धनिया की पत्तियों का भाव 80 से 100 से रुपए किलो और बीज का भाव 250 से 300 किलो तक मिल जाता है. एक बार में धनिया की पत्ती 100 से 125 किलो की पैदावार होती है. इसी के साथ 15 से 18 क्विंटल बीज की प्राप्ति होती है. यह फसल एक बार लगाने के बाद इससे 7- 8 बार उत्पादन होता है. इसमें रासायनिक खाद की बजाय जैविक खाद (Organic Fertilizer) का उपयोग करता हूं. इस खेती से सालाना 5 से 6 लाख रुपए की कमाई है.

औषधीय गुण और स्वास्थ्य के लिए है लाभकारी .

धनिया खाने को स्वादिष्ट बनाने के साथ ही स्वास्थ्य(Health) के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होता है. धनिए में कई ओषधीय गुण पाए जाते हैं.इसका सेवन करने से कई तरहों की बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है. धनिया में काफी मात्रा में प्रोटीन, वसा, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, कैरोटीन, थियामीन, पोटोशियम और विटामिन सी पाया जाता है.यह हृदय रोगों से लेकर डायबिटीज के जोखिम को कम करने और पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने में मददगार है.