देश विदेशप्रदेशबिज़नेसभरतपुररोजगार

भरतपुर के किसान ने 8 साल पहले कर्नाटक से 1600 पौधे लाकर शुरू की सफेदा की खेती ..15 से 20 लाख रुपए की आय का अनुमान ! 

भरतपुर के किसान ने 8 साल पहले कर्नाटक से 1600 पौधे लाकर शुरू की सफेदा की खेती ..15 से 20 लाख रुपए की आय का अनुमान ! 

भरतपुर. आप लोगों ने अधिकांश तौर पर सफेदा के पेड़ों को रोड के किनारे उगते हुए देखा होगा. शायद ही कुछ लोग यह जानते होंगे कि इन पेड़ों की खेती कर कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते है.एक ऐसा ही किसान है राजस्थान के भरतपुर जिले के डीग कस्बा निवासी सुनील सागर जो पिछले 8 साल से तीन एकड़ भूमि में सफेदा की खेती कर रहा है. किसान का कहना है कि 2 साल बाद यह पेड़ पक कर तैयार हो जाएगा. इन पेड़ों लेकर अभी से देश के विभिन्न प्रांतों से व्यापारियों का आना शुरू हो गया है. अच्छा मूल्य देने वाले व्यापारियों को इन पेड़ों को बेच दिया जाएगा. जानकारी के मुताबिक यह पेड़ जितना मोटा और लंबा होगा उतनी अच्छी क़ीमत मिलने के चांस होते है. सफेदा की खेती करने वाले किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में अच्छा मुनाफा कमा लेते है.

8 साल पहले कर्नाटक से 1600 पौधे लाकर खेती की शुरू..

किसान सुनील सागर ने बताया कि उसके पिता रामस्वरूप ट्रक ड्राइवर हैं जो देश के विभिन्न प्रांतों में यात्रा करते रहते हैं.उन्होंने आंध्रप्रदेश, बिहार, गोआ, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में देखा कि यहां के किसानों द्वारा सफेदा की खेती से कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं.इन्ही प्रांतों के किसानो से सीख लेते हुए 8 साल पहले कर्नाटक से करीब 1600 सफेदा के पौधे लाकर तीन एकड़ भूमि में खेती शुरू की. जिनमें से 1500 से अधिक पेड़ बड़े हो चुके है और दो साल बाद पककर तैयार हो जायेंगे..

15 से 20 लाख रुपए की कमाई का अनुमान..

किसान ने बताया कि अब यह पेड़ बड़े हो गए है और इन्हे देख देश के विभिन्न प्रांतों के व्यापारी अभी से मोलभाव कर रहे हैं. एक पेड़ में करीब 400 किलो से अधिक वजन और 1000 से लेकर 1500 रुपए तक मूल्य होता है. किसान का अनुमान है कि 2 साल बाद इन पेड़ों की कीमत 15 से 20 लाख रूपए होगी.