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15 हजार भीड़ जुटाने का दावा लेकिन 15 सौ भी नही आई भीड़ ,यह देख हेमा मालिनी का ठनका माथा

15 हजार भीड़ जुटाने का दावा लेकिन 15 सौ भी नही आई भीड़ ,यह देख हेमा मालिनी का ठनका माथा

भरतपुर – खेलो इंडिया खेल महोत्सव का सोमवार को आगाज हुआ.आयोजकों द्वारा प्रतियोगिता के शुरू कराने से पहले लाखों रुपए प्रचार-प्रसार पर खर्च किए. लेकिन अंत में उद्घाटन में नाम मात्र भी भीड़ नहीं जुटा पाई.जबकि आयोजकों द्वारा सभी पंचायत समितियों से भीड़ लाने के लिए दो-दो बसें भेजी थी लेकिन ढाक के तीन पात वाली बात बन कर रह गई. खेलो इंडिया के तहत आयोजित हुई क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन करने आई मथुरा की सांसद व विख्यात अभिनेत्री हेमा मालिनी का भी भीड़ न देखकर मूड खराब हो गया और वह भी यहां आकर अपने आप को बोरियत महसूस करने लगी.लोहागढ़ स्टेडियम पर आयोजकों की तरफ से दर्शकों व खिलाड़ियों के लिए पानी की भरपूर व्यवस्था की गई थी.लेकिन सारी व्यवस्था धरी की धरी रह गई. भीड़ नहीं आई तो आयोजको की ओर से गुहार लगाकर पानी की कई कई बोतल दर्शको को देते गए.इसके साथ ही आयोजकों द्वारा भीड़ को कंट्रोल करने के लिए बाउंसरों की भी व्यवस्था की गई थी. इन बाउंसरों ने भी कोढ़ में खाज काम किया.जो लोग हेमा मालिनी की झलक देखने के लिए आए थे. बाउंसरों द्वारा दर्शकों के साथ बदसलूकी कर उन्हें हटा दिया गया.जिससे नाम मात्र के आए दर्शक भी मायूस हो गए.

मंच पर केवल भाजपा के कार्यकर्ता व पदाधिकारी आए नजर. 

प्रतियोगिता के संयोजक यश अग्रवाल द्वारा कई महीनों से प्रचार किया जा रहा था कि प्रतियोगिता राजनीति से हटकर है.इसका कोई राजनीतिकरण नहीं किया गया है लेकिन मंच पर केवल भाजपा के कार्यकर्ता व पदाधिकारी देखने को मिले.हालांकि उन्होंने शहर के सभी पार्षदों को आमंत्रित भी किया था लेकिन पार्षदों को भी कोई महत्व नहीं दिया गया. काफी जद्दोजहद के बाद हेमा मालिनी का भी भाजपाइयों ने गुलाब का फूल देकर स्वागत किया और बाद में जब हेमा मालिनी का भाषण शुरू हुआ तो आयोजकों द्वारा बीच बीच मे दूसरे माइक को लेकर बोलने पर हेमा मालिनी का माथा ठनक गया और कुछ मिनिट बोल कर वह मंच से उतर कर वापस चली गई.

मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की उड़ा दी धज्जियां

इससे पहले हेमा मालिनी को पूरे ग्राउंड पर घुमा कर लोगों से अभिवादन कराया गया लेकिन जो भी भीड़ उन्हें देखने के लिए आई थी वह उनकी गाड़ी के आगे पीछे ही मंडराती रही.स्टेडियम पूरा खाली-खाली नजर आया.आयोजकों द्वारा दर्शकों के लिए पानी की बोतल पीने के लिए मुहैय्या कराई गई थी लेकिन पानी पीने के बाद दर्शकों ने पानी की खाली बोतलों को भी इधर-उधर फेंक कर मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा दी.व्यवस्थापकों द्वारा कोई बेहतर मैनेजमेंट नहीं करने से अब तक के इतिहास में खेल के उद्घाटन में सबसे खराब में व्यवस्था देखने को मिली.