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भरतपुर में भारत का एक मात्र नरसिंह भगवान मंदिर.. जहां सर्वाधिक विदेशी भक्त टेकते हैं माथा …

भरतपुर में भारत का एक मात्र नरसिंह भगवान मंदिर.. जहां सर्वाधिक विदेशी भक्त टेकते हैं माथा …

रिपोर्ट -अजय कुमार विद्यार्थी 

भरतपुर : पृथ्वी पर भगवान विष्णु ने कही अवतार लिए और इन्ही अवतारों में से हम चौथे अवतार नरसिंह भगवान की बात करने वाले है.नरसिंह का अर्थ आधा मनुष्य और आधा शेर का रूप है. जानकारी के मुताबिक देश में नरसिंह भगवान के कहीं प्रसिद्ध मंदिर हैं लेकिन एक ऐसा ही प्राचीन मंदिर राजस्थान की सीमा में पड़ने वाले गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में स्थित पूछरी के लौठा में है. यह मंदिर 1000 वर्ष पुराना है और यहां दर्शन के लिए देशी श्रद्धालुओं के साथ विदेशी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. मंदिर के महंत शिशुपालदास विधार्थी का कहना है कि यह नरसिंह भगवान का मंदिर देश में स्थित अन्य मंदिरों से अलग है क्योंकि विदेशी श्रद्धालु अन्य मंदिरों पर दर्शन के लिए जाए या नहीं लेकिन इस मंदिर पर अवश्य आयेंगे और इस मंदिर पर पूजा पाठ करने के साथ कही घंटो तक भजन गाते है.

महंत शिशुपालदास विधार्थी ने बताया कि पूछरी में स्थित नरसिंह भगवान का प्राचीन मंदिर है. यहां की विशेषता है कि प्रतिदिन इस मंदिर में दर्शनों के लिए देश की बजाय विदेशी भक्त अधिक आते हैं. मान्यता है कि विदेशी लोग भगवान नरसिंह को अपना भगवान मानते है.वही रसिया निवासी
देव शंकर गोविंदादास ने बताया कि वह कई वर्षों से वृंदावन में रह रहे है और सप्ताह में गोवर्धन पर्वत की दो से तीन बार परिक्रमा करते है. इसी परिक्रमा मार्ग में भगवान नरसिंह का मंदिर है जहां विदेशों आने वाले हमारे साथी इस मंदिर में पूजा पाठ करने के साथ कई घंटों तक भजन गाते है.

कौन है नरसिंह भगवान..

भक्त प्रह्लाद पर हिरण्यकश्यप के अत्याचार की जब सभी सीमाएं पार कर गईं.तब भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया. जैसे हिरण्यकश्यप को वरदान प्राप्त था वैसे ही भगवान ने उसका वध किया. भगवान नरसिंह ने दिन और रात के बीच के वक्त में आधे मनुष्य और आधे शेर का रूप धारण कर नरसिंह अवतार लिया.नरसिंह अथवा नृसिंह (मानव रूपी सिंह) को पुराणों में भगवान विष्णु का चौथा अवतार अवतार माना गया है.